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Monday, 1 July 2013

राठोड़ों की खापें 69. बीदावत राठोड़ की 18 खापें और ठिकाने

69.बीदावत राठोड़ :- जोधपुर के शासक जोधा के पुत्र बीदा के वंशज बीदावत कहलाये | जोधा ने छापर -द्रोणपुर मोहिलों से जीतकर बीदा को दे दिया था | मोहिल बैरसल व नरबद सहायता चाहने के लिए दिल्ली बादसाह बहलोल लोदी के पास गए | सुल्तान के हिसार से सारंग खां को बैरसलकी सहायतार्थ भेजा | बीदा उनकी मुकाबला करने में असमर्थ था | बीका ने आपने भाई बीदा की सहायता की और शत्रु को पराजीत किया तथा बीदा को छापर -द्रोणपुर दिलवा दिया | इससे बीदा प्रभावित हुए और उन्होंने बीका की पराधीनता स्वीकार कर ली | बीदा ने कई युध्धों में वीरता दिखाई थी | उन्हें राजा की पदवी दी गयी थी | बीदा ने आपने जीवन काल में बड़े पुत्र उदयकरण को द्रोणपुर और संसारचन्द्र को पड़िहार दिया | उदयकरण के पुत्र कल्याणदास द्वारा लूणकरण बीकानेर का विरोध करने के कारन द्रोणपुर से कल्याणदास का अधिकार हट गया | बीदा की सम्पुरण भूमि पर संसारचन्द्र के पुत्र सांगा का अधिकार हो गया | सांगा के पुत्र गोपालदास के पुत्रों से बीदावतों की कई खापें की उत्पति हुयी | जो निम्न प्रकार है |
१.उदयकर्णोत:- बीदा के बड़े पुत्र उदयकरण के वंशज कहलाये | इनका ऐक ठिकाना भीडासी जोधपुर था | बीकानेर रियासत में ये जाखासर ,ढाकालो ,अगनउ ऊँन आदी गाँवो में रहते है |
२.जालपदासोत :- बीदा के पुत्र संसारचन्द्र के पोत्र जालपदासोत के वंशज बीदावत कहलाये |
३.किश्नावत :-  बीदा के पुत्र जालपदास के पुत्र किशनदास के वंशज
४.रामदासोत:- सांगा के पुत्र संसारचन्द्र के पोत्र रामदास के वंशज रामदासोत बीदावत कहलाये |
५.गोपलदासोत:- रामदास के भाई गोपालदास के वंशज गोपालदासोत बीदावत कहलाते है |इनकी निम्न खापें |
(१).प्रथ्विराजोत बीदावत :-गोपालदास के बड़े पुत्र जसवंतसिंह को द्रोणपुर मिला | इनके पुत्र प्रथ्विराज के वंशज प्रथ्विराजोत बीदावत कहलाये |प्रथ्विराज सिंह रायसिंह के समय गुजरात में लड़ाई में काम आये |प्रथ्विराजोतों का हरासर दोलड़ी व सारोठीया सादी ताजमी वाला ठिकाना था |
(११).मनोहरदासोत बीका :- जसवंतसिंह के पुत्र मनोहरदास के वंशज मनोहरदासोत बीदावत कहलाते है |
इनके मुख्या ठिकाने जालोड़(मारवाड़ )सांडवा (दोलड़ी ताजीम )(सांडवा उस समय बाघावास के नाम से जाना जाता था | मनोहरदास के पुत्र रूपसिंह ने गोपी गोदारा को मारकर इस पर अधिकार किया तब से यह सांडवा कहा जाने लगा |) पड़ीहारा (इकलड़ी ताजीम ) कक्कू ,पातलीसर,बीनादेसर ( सादी ताजीम ) आदी ठिकाने थे |
(१११) तेजसिंहोत बीदावत :-गोपालदास के पुत्र तेजसिंह के वंशज है |इनके चाहड़वास ,गोपालपूरा मलसीसर (इकलड़ी ताजीम ) जोगलिया ,नोसरिया ,मालासर ,बडावर (सादी ताजीम ) आदी ठिकाने थे |
(४.) केशरदासोत बीदावत :-गोपालदास के पुत्र केशवदास के वंशज केशवदास के वंशज केश्व्दासोत बीदावत कहलाते है | इनका बीदासर ( सदी ताजीम ) आदी ठिकाने है |
६.सांवलदासोत :- गोपालदास के भाई वा सांगा के पुत्र सांवलदास के वंशज |
७.धनावत :- सांगा के पांचवे पुत्र राममल के वंशज
८.सीहावत :- सांगा के पुत्र सिन्हा के वंशज है |गोपालपुरा आदी में इनकी जागीरी है |
9.दयालदासोत :-संसारचन्द्र बीदावत के पुत्र दयालदास के वंशज |
१०.घेनावत :- संसारचन्द्र के पुत्र रायमल के वंशज धेना के संतान धेनावत कहलाये |
११.मदनावत बीका :-बीदा के पोटे व सेवाचंद्र के पुत्र पाता के पुत्र मदना के वंशज मदनावत बीदावत कहलाते है |इनका सोभासर दोलड़ी ताजीमी का ठिकाना था |
१२.खंगारोत बीदावत :- बीदा के पुत्र जालपदास के पुत्र सूरा के पुत्र खंगार के वंशज खंगारोत बीदावत कहलाते है |इनके लोहा खुडी ,कनवारी (दोलड़ी ताजीम )हामूसर (सादी ताजीमी )गोरीसर आदी ठिकाने थे
१३.हरावत:-बीदा के पुत्र हरजी के वंशज |
१४.भीवराजोत :-बीदा के चतुर्थ पुत्र भीवराज के वंशज
१५.बैरसलोत:- बीदा के पांचवें पुत्र बैरसल के वंशज
१६.डूंगरसिहोत :- बीदा के छठे पुत्र डूंगरसिंह के वंशज
१७.भोजराज : - बीदा के आठवें पुत्र भोजराज के वंशज
१८.रासावत :- बीदा के पुत्र अर्जुन के वंशज
इस सारी हिस्टरी को आप मेरे फेसबुक पेज पर भी देख सकते है
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