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Thursday, 4 July 2013

72 चांपावत राठोड़ 15 खापें और ठिकाने

72.चांपावत राठोड़ :- राव रिड़मल के पुत्र चांपा थे | जोधा ने कापरड़ा और बणाड़ ठिकाना भाई बंट में दिया था | राव जोधा के संकट के दिनों में चांपा अपने भाई जोधा के साथ रहे | सिसोदीयों से मंडोर छुटवाने में जोधा के साथ रहे | कापरड़ा को जीतने में उन्होंने जमकर युद्ध किया था | इसमें वे घायल हो गए | वि.सं.1522 में चांपा ने  सुल्तान महमूद खिलजी के साथ युद्ध में वीरता प्रदशित की  | वि.सं.1536 में सीधलो के साथ मणीयारी के पास युद्ध हुआ | इस युद्ध में चांपा ने वीरगति प्राप्त की | इन्ही चांपा के वंशधर चांपावत राठोड़ कहलाये | चांपावत राठोड़ों की मारवाड़ में महत्वपूरण भूमिका रही | समय -समय पर चम्पवातों ने अनेक युद्धों में भाग लिया और राजपूती शोर्य का परिचय दिया | इनके मारवाड़ में काफी ताजीमी ठिकाने थे | जयपुर राज्य में गीजगढ़,नायला ,गोनेर ,और कानूता मेवाड़ में कथरिया ,मालोल व् गोरड़ीयो ,तथा कोटा में सारथल | ग्वालियर राज्य में वागली तथा ईडर राज्य में टिटोई चांदनी व् मोई चांपावतों के ठिकाने थे | इनकी खापें निम्न है |

१.सगतसिंहोत चांपावत :-चांपाजी के पुत्र सगतसिंह के वंशज सगतसिंहोत चांपावत कहलाते है | जोधपुर परगने का दास्तणीय इनकी जागीरी में था |

२.रामसिंहोत चांपावत :-चांपाजी के पोत्र रामसिंह भैरूदासोत के वंशज रामसिंहोत चांपावत कहलाते है | देवकी ,चोराऊ,थलवाड ,मादेरा,मांकणी,लोदराऊ,लुहर ,सकराणी ,जेरसीण खामपुर (जालोर )परगना इनके ऐक ऐक गाँव वाले ठिकाने थे |

३.जगमालोत चांपावत :-भैरूदास के पुत्र जेसाजी के पुत्र जगमाल के वंशज जगमालोत चांपावत कहे जाते है | डाहोली,टारखा (परगना नागौर )सुखवासणी (मेड़ता )आदी इनके ऐक ऐक गाँव के ठिकाने थे |

४.गोयंददासोत चांपावत :-जैसाजी के पुत्र गोयंददास के वंशज गोयंददासोत चांपावत कहे जाते है | खुडालो (२ गाँव )भेटवाड़ा (२ गाँव ) गोड़वाड परगने के ठिकाने थे |

५.हरभानोत चांपावत :-जैसा के पुत्र जेतमाल के पुत्र हरभाण के वंशज है | जोधपुर परगने में मालगढ़ दो गाँवो का ठिकाना था | नवध (मेड़ता )व् साकणीयों (सोजत )भी इनके ठिकाने थे |

६.केसोदासोत चांपावत :-जैसाजी के पुत्र मांडण के पुत्र केसोदास के वंशज केसोदासोत चांपावत है | जालोर परगने के कावतरा और सांणढढ इनके ऐक एक गाँव के ठिकाने थे |

७.रायसिंहोत चांपावत :-मांडण के पुत्र रायसिंह के वंशज रायसिंहोत चांपावत है | जालोर परगने का धांनणी इनका ऐक गाँव का ठिकाना था | 

८.रायमिलोत चांपावत :-चांपाजी के पोत्र भीमराज भैरूदास के पुत्र महेशदास थे | इनके पुत्र जसवंतसिंह के पुत्र रायमल के वंशज रायमलोत चांपावत है | जोधपुर परगने का सिणला इनका ऐक गाँव का ठिकाना था |

९.विठलदासोत चांपावत :- चांपाजी के बाद क्रमश भैरूदास ,जैसा ,मांडण ,गोपालदास और बिठलदास हुए | इसी बिठलदास के वंशज बिठलदासोत चांपावत है | ये बड़े शक्तिशाली थे | इनके प्रमुख ठिकानों में पोकरण 110 गाँवो को जोधपुर परगने का ठिकाना | जालोर परगने का दासपा 13 गाँवो का ठिकाना ,गोढवाड परगने का खीवाडा आठ गाँवो का ठिकाना ,सोजत परगने का दूदोड ४ गाँवो का ठिकाना ,जालोर परगने का बाकरा ६ गाँवो का ठिकाना ,जोधपुर परगने का रसणी ४ गाँवो का ठिकाना ,हरिया डाणा (२ गाँव )पीलवा (तीन गाँव )आदी एअन्य ठिकाने थे तथा ऐक ऐक गाँव वाले कई ठिकाने हे | जयपुर राज्य में भी पोकरण के चंपावतों के गीजगढ़ ,गोनेर ,काणुता और नायला चार ठिकाने थे |

१०.बलोत चांपावत :-मांडण के पुत्र गोपालदास के पुत्र बलु के वंशज ब्लॉट चम्पावत है | बलुजी अपने समय के प्रसिद्द वीर हुए | आगरा के किले से अमरसिंह का शव लाने का श्रेय इन्ही को है | हरसोलाव ,धांयली,बापोड़,चवाधंधिया,लोरोली खुर्द ऐक ऐक गाँव व् खोखरी (नागौर )तीन गाँवो का ठिकाना था |

११.भोपतोत चांपावत :-गोपालदास के पुत्र भोपत के वंशज है | खाटू बड़ी चुटीसरो ,एवाद डाभ ,पालोट जाखेडो,अड़वड़,आगूतो ,सुनारी ,मंडाग़णा ,वाटेलो ,ओरीठ ,बरनेल ,चाउ ,रामड़ाबास खुर्द ,दुजार,पीरोजपुरो ,कान्याडो आदी ऐक ऐक गाँव के ठिकाने थे |

१२ .खेतसिंहोत चांपावत :-मांडण के पुत्र गोपालदास के पुत्र खेतसिंह के वंशज है | नगौर परगना के हवतसर और सरासणी तथा मेड़ता परगने का खादी वास ऐक ऐक गाँव के ठिकाने थे |

13.हरिदासोत चांपावत :-गोपालदास के पुत्र हरिदास जी के वंशज हरिदासोत चांपावत है | मेड़ता परगने का गंठीयों इनका ऐक गाँव का ठिकाना थे |

14.आईदानोत चांपावत :-गोपालदास के पुत्र दलपत के पुत्र आईदानजी के वंशज है | आडवा (सोजत )इनका 14 गाँवो का मुख्या ठिकाना था | बीठोरों बड़ो (२ गाँव )बामसीण (२ गाँव )जाणीवानो (३ गाँव )जोधपुर परगने का रोयट (11 गाँवो का ठिकाना )आहोर (जालोर ६ गाँवो )सथलाणों(२ गाँव )ढारी (दो गाँव )भैसवाडो जालोर (८ गाँव )जोधण (दो गाँव )निंके अतिरिक्त ऐक ऐक गाँव के कई ठिकाने थे |

15.किलाणदासोत चांपावत :-गोपालदास के पुत्र दलपत के पुत्र किलाणदासजी के वंशज | जोधपुर परगने का भालेलाव इनका ऐक गाँव का ठिकाना था |

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